Swami Shraddhanand Ji
Balidan Diwas
अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द जी के 99वें बलिदान दिवस पर गुरुकुल नीलोखेड़ी में शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा सामूहिक यज्ञ करते हुए वैदिक मंत्रों द्वारा आहुति प्रदान की गई। गुरुकुल के सभी छात्र सत्य सनातन की भावना से प्रेरित दिखाई पड़े। स्वामी श्रद्धानन्द जी एक महान राष्ट्रवादी, समाज सुधारक एवं आर्य समाज के अग्रणी संन्यासी थे तथा उनके जीवन का मानव जाति को पूर्ण संदेश था त्याग, तप और राष्ट्र-सेवा। यज्ञ के उपरान्त छात्रों को संबोधित करते हुए पवित्र आर्य ने बताया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र वटवृक्ष की भाँति आज भी अपनी शाखाओं के द्वारा भारत के नवनिर्माण में स्वामी श्रद्धानन्द जी के स्वप्न को आधुनिक शिक्षा के माध्यम से जन-जन तक पहुँचा रहा है। आज युवाओं को अपने चरित्र शुद्ध, विचार उत्कृष्ट एवं धर्म के प्रति संकल्पित होना पड़ेगा, यदि भारतीय परिवारों को विदेशी ताकतों से अपनी आने वाली पीढ़ी को बचाना है तो गुरुकुल शिक्षा पद्धति को ही अपनाना होगा। अंत में छात्रों को स्वामी श्रद्धानन्द जी के जीवन-चरित्र को लघु कथा के रूप में दिखाया गया तथा उनके जीवन से सीख लेने को कहा गया।
